परशुराम जयंती पर शहर में गाजा-बाजार संग निकाली शोभायात्रा
भभुआ में भगवान परशुराम की जयंती धूमधाम से मनाई गई। नगर परिषद कार्यालय से शोभायात्रा निकली, जो जयप्रकाश चौक, वन विभाग और पटेल चौक होते हुए एकता चौक पहुँची। वहां सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।...

नगर परिषद कार्यालय से निकली शोभायात्रा जयप्रकाश चौक, वन विभाग व पटेल चौक होते हुए एकता चौक पर पहुंची नगरपालिका मैदान में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कर हुआ संपन्न शोभायात्रा को देखने के लिए सड़क किनारे उमड़ी दिखी दर्शकों की भीड़ (पेज चार की लीड खबर) भभुआ, हिन्दुस्तान संवाददाता। कैमूर जिले में मंगलवार को भगवान परशुराम की जयंती सोल्लासपूर्ण मनाई गई। जयंती पर श्रीभगवान परशुराम शोभायात्रा समिति द्वारा शहर के भभुआ शहर में गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। नगर परिषद मैदान में पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा निकाली गई। इसमें शामिल लोग जयप्रकाश चौक, वन विभाग कार्यालय के पास से होकर पटेल चौक के रास्ते एकता चौक पहुंचे। रथ पर सवार भगवान परशुराम की एकता चौक पर स्थित हनुमान मंदिर के पास उनकी आरती उतारी गई। पूजा की गई। पूजा के बाद एकता चौक से शोभायात्रा पुन: नगरपालिका मैदान के लिए निकली। वहां पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद कार्यक्रम संपन्न हुआ। शोभायात्रा के दौरान विद्वान पंडितों द्वारा किए जा रहे मंत्रोंच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा में शामिल युवा भगवान परशुराम का गगन भेदी जयकारा लगा रहे थे। शोभायात्रा में शामिल लोग काफी उत्साहित दिख रहे थे। शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष विनोद तिवारी व पदाधिकारी मनीष कश्यप ओझा ने बताया कि नगरपालिका मैदान में सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसके बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। मौके पर राष्ट्रीय परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी, महासचिव अभय पांडेय, राजन तिवारी, ध्रुव तिवारी, मोनू पांडेय, रजनीकांत तिवारी, प्रिंस तिवारी, मोनू पांडेय, भानू दुबे, अमित पाठक, शिवम पांडेय, शशिकांत दुबे, विशंभर तिवारी, बिट्टू तिवारी, सम्राट राजन तिवारी, अमित ट्विंकल पांडेय, आकाश पांडेय सहित काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया। शोभायात्रा देखने के लिए उमड़ी भीड़ भभुआ। शोभायात्रा को देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भीड़ जमा थी। कुछ लोगों व महिलाओं को छत के मुड़ेरा से तो कुछ को घरों के दरवाजे पर खड़े होकर शोभायात्रा को निहारते देखा गया। शहर के दुकानदारों को भी अपनी दुकान से भगवान परशुराम का दर्शन करते देखा गया। समिति के सदस्यों ने बताया कि भभुआ शहर में वर्षों से भगवान परशुराम की शोभायात्रा निकाली जा रही है। जमदग्नि के पुत्र रेणुका संतान थे परशुराम भभुआ। प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यक्रम में कहा कि भगवान परशुराम ऋषि जमदग्नि के पुत्र थे, जिनकी माता रेणुका थी। भगवान परशुराम रेणुका की पांचवीं संतान थे। ऋषि जमदग्नि वही ऋषि थे जिनको सप्तऋषियों में स्थान है। भगवान परशुराम को भगवान श्रीहरी विष्णु का छठा अवतार भी माना जाता है, जो क्रोधित मुनि थे। इनके बारे में कहा जाता है कि इन्होंने अपनी मां का गला काट दिया था। फिर पिता के आशीर्वाद से उन्होंने अपनी माता को पुनर्जीवित भी कर दिया था। त्रेता युग में हुआ था भगवान परशुराम का जन्म भभुआ। भगवान परशुराम का जन्म त्रेतायुग के शुरू और सतयुग के अंत काल में हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म इनके पिता द्वारा किए गए पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न होकर देवराज इंद्र ने वरदान दिया था। बाल्यकाल में ही भगवान परशुराम ने अपने माता-पिता से अस्त्र-शस्त्र की विद्या सीख ली थी। शोभायात्रा के दौरान चौकस दिखी सुरक्षा भभुआ। शहर में निकली गई भगवान परशुराम की शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चौकस दिखी। एसडीओ विजय कुमार, एसडीपीओ शिवशंकर कुमार, भभुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, सीओ पुरुषोत्तम सिंह व बीडीओ सतीश कुमार सिंह शोभायात्रा यात्रा के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर शहर में भ्रमणशील दिखे। इसके अलावा शहर के हर चौक-चौराहों पर पुलिस अफसर एवं जवानों की ड्यूटी सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई थी। फोटो-29 अप्रैल भभुआ- 5 कैप्शन- नगरपालिका मैदान से मंगलवार को भगवान परशुराम की निकाली गई शोभायात्रा में शामिल लोग। फोटो-29 अप्रैल भभुआ- 4 कैप्शन- नगरपालिका मैदान से मंगलवार को भगवान परशुराम की जयंती पर पूजा-अर्चना करते लोग।
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