सायरन बजते ही सभी हो जाएं सतर्क, मॉक ड्रिल से किया जागरूक
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर में एचआर इंटर कॉलेज में एक आपातकालीन पूर्वाभ्यास आयोजित किया गया। सायरन बजने पर छात्रों ने सुरक्षित स्थानों की ओर भागना शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने घायलों को अस्पताल भेजने का कार्य किया।...
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। एक जोर का धमाका हुआ और सायरन बजा। इसे सुनकर लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भाग पड़े। धमाके में घायलों को अस्पताल भेजने के कार्य में रेस्क्यू टीम तत्काल जुट गई। फायर ब्रिग्रेड के कर्मी आग बुझाने और इसमें घायलों को बचाने में जुट गए। हर तरफ सतर्कता और बचाव कार्य करते पुलिस सहित अन्य टीमें लगी रहीं। थोड़ी देर के लिए लगा जैसे सच में कोई आपात स्थिति उत्पन्न हो गई। लेकिन यह सब महज पूर्वाभ्यास था। जो बुधवार की दोपहर 12 बजे एचआर इंटर कॉलेज खलीलाबाद परिसर में आयोजित हुआ। एडीएम जयप्रकाश, एएसपी सुशील कुमार सिंह की मौजूदगी में विद्यालय के छात्रों को पहले सतर्कता की जानकारी दी गई, उसके बाद पूर्वाभ्यास कर उन्हें खुद और लोगों के बचाव के लिए जागरूक किया गया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को दोपहर 11.30 बजे पुलिस टीम के साथ ही आपदा विशेषज्ञ, फायर ब्रिग्रेड की टीम एचआर इंटर कॉलेज खलीलाबाद परिसर में पहुंची। छात्र, छात्राओं के साथ ही एनसीसी कैडेट्स और स्काउट गाइडों को पहले युद्ध जैसे भयावह स्थिति और संकट के समय में कैसे खुद को सुरक्षित करें और लोगों की मदद करें इसके बारे में जानकारी दी। किस स्थिति में क्या करना है इसको बताते हुए रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि सायरन की आवाज आने के बाद कान बंद कर किसी बंकर अथवा सुरक्षित कमरे में जाएं। स्कूल में हैं तो बच्चे सीट के नीचे कान बंद कर बैठ जाएं। जैसी तमाम जानकारियां दीं। एडीएम जयप्रकाश ने कहा कि युद्ध अथवा संकट की घड़ी में जरूरी दस्तावेज़ आधार, पहचान पत्र, ज़मीन कागज़, बैंक डिटेल को एक बैग में रखें। घर में प्राथमिक चिकित्सा किट, सूखा राशन, पानी, टॉर्च, बैटरियां और नकद पैसे रखें। मोबाइल फोन और पावर बैंक चार्ज रखें। रेडियो या सरकारी समाचार स्रोत से स्थिति की जानकारी लेते रहें। नजदीकी शरण स्थल या बंकर की जानकारी पहले से रखें। बच्चों, बुजुर्गों और विकलांगों के लिए विशेष योजना बनाएं। सभी को एक आपातकालीन योजना के बारे में बताएं। अगर संभव हो तो सुरक्षित क्षेत्र की ओर प्रस्थान करें। घर में मजबूत दीवारों के पास या नीचे शरण लें। यदि निकासी का आदेश हो तो तुरंत पालन करें। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी खलीलाबाद शैलेश कुमार दूबे, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर अजीत चौहान, आपदा विशेषज्ञ, आपदा मित्र, एनसीसी कैडेट्स के साथ ही विद्यालय की शिक्षक, शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। अफवाहों से रहें सावधान एडीएम ने कहा कि युद्ध अथवा संकट काल की घड़ी में अफवाहों पर विश्वास न करें, सोशल मीडिया या अनजान स्रोतों से मिली खबरों को सत्य माने बिना न फैलाएं। बिना योजना के बाहर न निकलें, बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। केवल ज़रूरत पड़ने पर और सुरक्षा सुनिश्चित करके ही जाएं। ध्यान भटकाने वाले काम न करें, युद्ध की स्थिति में अनुशासन बहुत जरूरी है। लापरवाही जानलेवा हो सकती है। हथियार या संदिग्ध वस्तु छूने से बचें, किसी भी विस्फोटक या संदिग्ध, वस्तु को न छुएं, तुरंत प्रशासन को सूचित करें। भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें, खुले बाज़ार या स्टेशन जैसे क्षेत्रों में रहने से खतरे की सम्भावना बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। सायरन बजने के साथ ही सुरक्षित स्थान की ओर भागे पूर्वाभ्यास की शुरुआत एक धमाके के बाद बजे सायरन से हुई। धमाका होते ही रेस्क्यू टीम तत्काल घायलों को बचाने और उन्हें अस्पताल भेजने के कार्य में जुट गई। एंबुलेंस से सभी को अस्पताल भेजा गया। वहीं विद्यालय के छात्र-छात्रा अपने-अपने कमरे में ही बेंच के नीचे कान बंदकर बैठ गए। वहीं फील्ड में मौजूद बच्चे और एनसीसी कैडेट्स सुरक्षित स्थान की ओर कान बंद कर भागे। उधर दूसरी ओर विद्यालय की पहली मंजिल पर लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिग्रेड के कर्मी तत्काल पहुंच गए। सीढ़ी के जरिए ऊपर पहुंचकर आग पर काबू पाया और वहां के घायलों को रेसक्यू किया।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।