घरों और फैक्टरियों में रेकी कर चोरी करने वाले चार बदमाश गिरफ्तार
घरों और फैक्टरियों में रेकी कर चोरी करने वाले चार बदमाश गिरफ्तार दिल्ली छोड़कर,

घरों और फैक्टरियों में रेकी कर चोरी करने वाले चार बदमाश गिरफ्तार दिल्ली छोड़कर, बिहार और बरेली के ध्यानार्थ
- एनसीआर के शहरों में सौ से अधिक वारदात कर चुके
- बीते सप्ताह बदमाशों ने सदरपुर में की थी कई वारदात
नोएडा,वरिष्ठ संवाददाता। घरों और फैक्टरियों में रेकी कर चोरी करने वाले गिरोह के सरगना समेत चार सदस्यों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया। इनसे चोरी के सामान, तमंचा और चाकू समेत अन्य सामान बरामद हुए।
एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी एनसीआर के एनसीआर के अलग-अलग शहरों में सौ से अधिक वारदात कर चुके हैं। बीते दिनों सदरपुर के अलग-अलग घरों और दुकानों में चोरी की वारदात हुई थी। शिकायत मिलते ही चोरों की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी की अगुवाई में एक टीम गठित की गई। सोमवार को जब गिरोह के सदस्य वारदात की फिराक में फिर से आए, तभी उन्हें धर दबोचा गया। आरोपियों की पहचान बिहार के सीतामढ़ी निवासी सोनू उर्फ चूडी और शिवम, बरेली के सेवीगंज निवासी राहुल कुमार और राजस्थान के अलवर निवासी घनश्याम के रूप में हुई। सोनू गिरोह का सरगना है और वह 2018 से वारदात कर रहा है। सोनू के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में विभिन्न धाराओं में 32, राहुल कुमार के खिलाफ गाजियाबाद, हरियाणा और यूपी के अलग-अलग थानों में 11, शिवम पर दस और घनश्याम पर 13 मुकदमे दर्ज हैं। जांच अधिकारी ने बताया कि जब बदमाशों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वे पीठ पर एक बैग टांगकर रेकी करने निकलते हैं। बैग में लॉक और ताला तोड़ने के उपकरण, तमंचा और चाकू होता है। अगर कोई पूछता भी है तो आरोपी खुद को मिस्त्री बताकर आगे निकल जाते हैं। शहर के अलग-अलग हिस्से में वे समूह बनाकर जाते हैं। जैसे ही किसी घर में ताला लटका हुआ मिलता है, बदमाशों की रेकी शुरू हो जाती है। आसपास के बच्चों से पता किया जाता है कि संबंधित घर कब से बंद है और उसमें रहने वाले लोग कब से बाहर हैं। पूरी जानकारी जुटाने के बाद वारदात के लिए बदमाश एक समय निर्धारित करते हैं। उसी समय धावा बोलकर वारदात करते हैं और फरार हो जाते हैं। चोरी के गहने और पैसे को तो बदमाश घर ले जाते हैं, बाकी के सामान को नोएडा और दिल्ली के अलग-अलग दुकानों पर बेहद सस्ते दामों में बेच देते हैं। जो पैसा मिलता है सभी आपस में बांट लेते हैं।
जेल में हुई थी मुलाकात
पूछताछ में गिरोह के सरगना सोनू ने बताया कि उसकी मुलाकात शिवम और राहुल से जेल के अंदर हुई थी। सभी बदमाश पूर्व में जेल जा चुके हैं। सोनू चोरी के मामले जेल गया था, बाकि दोनों मादक पदार्थों की तस्करी में सलाखों के पीछे पहुंचे थे। जेल में तीनों की मुलाकात हुई। जेल से बाहर आते ही सोनू ने शिवम और राहुल समेत अन्य सदस्यों को गिरोह से जोड़ा और सिलसिलेवार तरीके से वारदात करनी शुरू कर दी। नोएडा के साथ ही पूरे एनसीआर में गिरोह की दहशत बन गई। बदमाशों द्वारा बीते आठ सालों में सौ से अधिक चोरी की वारदात करने की आशंका जताई गई है।
मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद
जिस समय बदमाशों की गिरफ्तारी हुई वे एक घर में चोरी करने ही जा रहे थे। गिरोह में घनश्याम सबसे ज्यादा 56 वर्ष का है। सोनू 27, राहुल 26 और शिवम 23 साल का है। आरोपियों के पास से 13 हजार 440 रुपये की नकदी, एलईडी, चांदी के गहने, कई मोबाइल और स्मार्ट वॉच बरामद हुई है। बदमाशों के पास से वारदात में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी मिले हैं। वारदात का विरोध करने पर लोगों को डराने के लिए आरोपी अपने पास तमंचा और चाकू रखते हैं।गिरफ्त में आए आरोपी आठवीं और नौंवी पास हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।