Khatu Shyam will not be seen on 8th and 9th October, know the reason Khatu Shyam:खाटू श्याम के 8 और 9 अक्टूबर को नहीं होंगे दर्शन, जानिए क्या है वजह, Rajasthan Hindi News - Hindustan
Hindi Newsराजस्थान न्यूज़Khatu Shyam will not be seen on 8th and 9th October, know the reason

Khatu Shyam:खाटू श्याम के 8 और 9 अक्टूबर को नहीं होंगे दर्शन, जानिए क्या है वजह

  • बाबा श्याम का हर अमावस्या के बाद विशेष श्रृंगार किया जाता है। श्रद्धालुओं के लिए बाबा श्याम के मंदिर के पट बंद रहते हैं। श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह ने श्याम भक्तों से अपील की है।

Prem Narayan Meena लाइव हिन्दुस्तानSun, 6 Oct 2024 02:30 PM
share Share
Follow Us on
Khatu Shyam:खाटू श्याम के 8 और 9 अक्टूबर को नहीं होंगे दर्शन, जानिए क्या है वजह

Khatu Shyam: राजस्थान के सीकर का प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर श्याम भक्तों के लिए 9 अक्टूबर 2024 को बंद रहेगा। श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह ने श्याम भक्तों से अपील की है। बताया कि बाबा श्याम की विशेष सेवा पूजा, तिलक और श्रृंगार होंगे, इसकी वजह से श्रीश्याम प्रभु के दर्शन 8 अक्तूबर 2024 को रात्रि 10 बजे से 9 अक्तूबर 2024 को शाम 5 बजे तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे। श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह ने श्रद्धालुओं से व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की। बाबा श्याम का हर अमावस्या के बाद विशेष श्रृंगार किया जाता है। श्रद्धालुओं के लिए बाबा श्याम के मंदिर के पट बंद रहते हैं।

अमावस्या के दिन सुबह की आरती के बाद बाद बाबा श्याम का रंग बदल जाता है। श्रद्धालुओं को पूर्ण शालिग्राम के रूप में दर्शन देते हैं। बाबा श्याम भक्तों को महीने में दो रूप में दर्शन देते हैं। कृष्ण पक्ष में श्याम वर्ण (पीला रंग) में और शुक्ल पक्ष में पूर्ण शालिग्राम (काला रंग) के रूप में नजर आते हैं। बाबा श्याम महीने में 23 दिन श्याम वर्ण (पीला रंग) में रहते हैं। इसके बाद अमावस्या के दिन विभिन्न प्रकार के दिनों से बाबा का अभिषेक किया जाता है, इससे प्रतिमा अपने मूल रूप यानी शालिग्राम (काला रंग) में नजर आने लगती है।

इस तरह से शुक्ल पक्ष के सात दिन बाबा श्याम इसी रूप में रहते हैं। बाबा श्याम के श्रृंगार से यह रूप बदलता है। बाबा खाटू श्याम की 5 बार आरती होती है। मंगला आरती सुबह 5:30 बजे, श्रृंगार आरती सुबह 8 बजे, भोग आरती दोपहर: 12:30 बजे, संध्या आरती दोपहर 12:30 बजे, संध्या आरती शाम 6:30 बजे और शयन आरती रात्रि 9 बजे होती है।