धोखाधड़ी का नया पैंतरा! पति की हत्या, किसी और को पत्नी बना बेची एक करोड़ की जमीन
- प्रयागराज में डॉ. एके बंसल की हत्या के बाद भूमाफियाओं ने उनकी लाखों की जमीन फर्जीवाड़ा कर बेच दी। जमीन की रजिस्ट्री के लिए डॉ. बंसल का आधारकार्ड का इस्तेमाल किया गया, तो दूसरी ओर एक महिला को डॉ. वंदना बंसल बनाकर हस्ताक्षर करा दिए।

प्रयागराज में डॉ. एके बंसल की हत्या के बाद भूमाफियाओं ने उनकी लाखों की जमीन फर्जीवाड़ा कर बेच दी। जमीन की रजिस्ट्री के लिए डॉ. बंसल का आधारकार्ड का इस्तेमाल किया गया, तो दूसरी ओर एक महिला को डॉ. वंदना बंसल बनाकर हस्ताक्षर करा दिए। इस फर्जीवाड़ा की जानकारी मिलने पर डॉ. वंदना बंसल ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की है। एसीपी मेजा मामले की जांच कर रहे हैं। डॉ. वंदना बंसल के शिकायती पत्र के अनुसार मेजा तहसील के देवरी गांव में उनके पति डॉ एके बंसल के नाम पर जमीन थी।
जमीन की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है। डॉ एके बंसल की हत्या के बाद किसी ने फर्जीवाड़ा कर पह जमीन बेच दी। 23 फरवरी 2022 को कुछ लोगों ने तहसील मेजा उपनिबंधक कार्यालय में पंजीकृत बैनामा कर दिया। जब इस फर्जीवाड़ा की जानकारी डॉ. वंदना बंसल को हुई वह परेशान हो गईं। उन्होंने तहसील मेजा से खतौनी लेकर देखा, तो पता चला कि उनकी जमीन फर्जी तरीके से बेची जा चुकी है। जमीन खरीदने और बेचने वालों की मिलीभगत से यह खेल किया गया है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। फर्जीवाड़ा की बात सामने आने पर एसीपी मेजा ने इस प्रकरण में जांच शुरू कर दी है।
प्रयागराज में डॉ. एके बंसल की हत्या के बाद भूमाफियाओं ने उनकी लाखों की जमीन फर्जीवाड़ा कर बेच दी। जमीन की रजिस्ट्री के लिए डॉ. बंसल का आधारकार्ड का इस्तेमाल किया गया, तो दूसरी ओर एक महिला को डॉ. वंदना बंसल बनाकर हस्ताक्षर करा दिए। इस फर्जीवाड़ा की जानकारी मिलने पर डॉ. वंदना बंसल ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की है। एसीपी मेजा मामले की जांच कर रहे हैं। डॉ. वंदना बंसल के शिकायती पत्र के अनुसार मेजा तहसील के देवरी गांव में उनके पति डॉ एके बंसल के नाम पर जमीन थी।
जमीन की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है। डॉ एके बंसल की हत्या के बाद किसी ने फर्जीवाड़ा कर पह जमीन बेच दी। 23 फरवरी 2022 को कुछ लोगों ने तहसील मेजा उपनिबंधक कार्यालय में पंजीकृत बैनामा कर दिया। जब इस फर्जीवाड़ा की जानकारी डॉ. वंदना बंसल को हुई वह परेशान हो गईं। उन्होंने तहसील मेजा से खतौनी लेकर देखा, तो पता चला कि उनकी जमीन फर्जी तरीके से बेची जा चुकी है। जमीन खरीदने और बेचने वालों की मिलीभगत से यह खेल किया गया है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। फर्जीवाड़ा की बात सामने आने पर एसीपी मेजा ने इस प्रकरण में जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने डॉ वंदना वंसल का बयान भी दर्ज किया, लेकिन मामले में अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। वहीं, एसीपी मेजा रवि गुप्ता ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। शिकायत पत्र के आधार पर आरोपियों को नोटिस भी भेजा गया है। मामले की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।
अस्पताल के अंदर हुई थी हत्या
जीवन ज्योति अस्पताल के अंदर 12 जनवरी 2017 को डॉ एके बंसल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नकाबपोश बदमाशों ने अस्पताल में ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार की थी। एसटीएफ ने इस प्रकरण का खुलाया किया था। बिहार के शिक्षा माफिया आलोक सिन्हा को मुख्य आरोपी बनाया गया था। इस हत्याकांड में आज भी 50 हजार इनामी शूटर फरार है।